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लाहौर में भीड़ ने इमरान खान को घेरा:'घड़ी चोर' के नारे लगाए; इमरान पर बेशकीमती घड़ियां और गिफ्ट्स बेचने के हैं आरोप

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पाकिस्तान के लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान इमरान खान को भीड़ ने घेर लिया। भीड़ ने ‘घड़ी चोर’ के नारे लगाए। इस दौरान इमरान ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया तो नहीं दी, लेकिन वे काफी असहज नजर आए। दरअसल, 21 अक्टूबर को पाकिस्‍तान के चुनाव आयोग ने तोशखाना मामले में इमरान को 5 साल के लिए अयोग्‍य घोषित कर दिया। उनकी संसद सदस्यता भी रद्द कर दी। इस फैसले के बाद इमरान अगले 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इमरान पर आरोप था कि उन्होंने तोशाखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदा और ज्यादा दामों में बेच दिया। लाहौर की एक मस्जिद के पास की है घटना इस्लामाबाद में इमरान खान सरकार विरोधी मार्च निकालने वाले हैं। हर हाल में इस मार्च को सफल बनाना चाहते हैं। इसी को लेकर वे लाहौर दौरे पर थे। लाहौर की मस्जिद एक नबवी पर जब इमरान सपोटर्स के साथ पहुंचे तो भीड़ और वकीलों के एक ग्रुप ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने उनके खिलाफ ‘घड़ी चोर’ के नारे लगाए। इस दौरान इमरान खुद ही भीड़ को हटाते नजर आए। घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। विदेशी तोहफों को बेचने का आरोप पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यों की बेंच ने इमरान के खिलाफ यह फैसला सुनाया। इमरान जब प्रधानमंत्री थे तब विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की थी। इमरान पर आरोप था कि उन्होंने तोशाखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीदा और ज्यादा दामों में बेच दिया। जानिए क्या है तोशाखाना केस चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था। इन्हें बेचकर उन्हें करीब 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। जिन तोहफों को इमरान ने बेचा था उनमें एक बेशकीमती घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स वॉच शामिल थीं। जिन तोहफों को इमरान ने बेचा था उनमें एक बेशकीमती घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स वॉच शामिल थीं। इमरान ने किया इस नियम का उल्लंघन पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक- पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है। 10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होती है। यह तस्वीर जनवरी 2019 की है। फोटो में गवर्नर तबुक प्रिंस फहद बिन सुल्तान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने तत्कालीन पीएम इमरान खान को 'गोल्ड कलाश्निकोव' का तोहफा और गोलियां भेंट की थीं। यह तस्वीर जनवरी 2019 की है। फोटो में गवर्नर तबुक प्रिंस फहद बिन सुल्तान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने तत्कालीन पीएम इमरान खान को 'गोल्ड कलाश्निकोव' का तोहफा और गोलियां भेंट की थीं। फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी इमरान की पार्टी इमरान सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने कहा है कि उनकी पार्टी PTI चुनाव आयोग के इस फैसले का विरोध करेगी। और इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। पाकिस्तान में तोशाखाना 1974 में बना था। यह ऐसा विभाग है जिसमें प्रधानमंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और राष्ट्रपति को देश-विदेशों से मिले तोहफे रखे जाते हैं।
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